रायगढ़। गर्मी शुरू होते ही वन्य प्राणी भोजन व पानी की तलाश में जंगलों से भटककर शहरी क्षेत्र में आने लगे है। जिससे कभी वन्य प्राणियों की चपेट में आकर ग्रामीण घायल हो रहे हैं या फिर कभी अज्ञात वाहन की चपेट में आकर उनकी मौत हो रही है। इसी क्रम में आज दोपहर जिंदल स्कूल के पास कुत्तों के हमले से एक चीतल की मौत हो गई। दो दिनों के भीतर जंगली जानवरों की यह तीसरी घटना है। जिसमें एक भालू का हमला भी शामिल है और एक चीतल की मौत व एक चीतल के घायल होनें की जानकारी मिली है।
जिले के जंगलों में बढ़ते वन्य प्राणियों की बढ़ती संख्या जानवरों को ही भारी पड़ रही है चूंकि कटते जंगल और गर्मी में पीने के पानी का असर दिखने लगा है। जिसके चलते दो दिनों में एक चीतल की मौत व एक अन्य घटना में एक चीतल के घायल होनें का मामला सामने आया है। दो दिन पहले तमनार वन परिक्षेत्र के ग्राम सामारूमा में हुई जब पास के जंगलों से भटककर सडक़ क्रास कर रहे एक चीतल को तेज रफ्तार वाहन से ठोकर मार दी थी, जिसका उपचार जारी है। वहीं आज दोपहर शहर से मात्र 5 किलोमीटर दूर स्थित जिंदल स्टील एण्ड पावर लिमिटेड के ओपी जिंदल स्कूल के पास हुई जब पास के झाडिय़ों में चीतल को देखकर कुत्तों के झुंड ने उसे दौड़ा दिया। जान बचाने के लिए चीतल स्कूल के गेट से टकरा गया और सदमे से उसकी मौत हो गई। इन दोनों घटनाओं के बाद वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर दोनों चीतलों का पोस्टमार्टम कराने के बाद दास संस्कार कर दिया। लेकिन वन्य प्राणियों की लगातार हो रही मौतों को रोकने के लिए उनके पास कोई जवाब नही था। हमने जब वन विभाग के अधिकारी से बात की तो उन्होंने इस बात को माना कि वन्य प्राणियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और इसके लिए बचाव करने के लिए प्रचार-प्रसार की आवश्यकता है। उनका कहना था कि जिन जंगलों में चीतल , हाथी या अन्य जानवरों की संख्या बढ़ रही है वहां सडक़ों के दोनों ओर वाहनों की तेज रफ्तार पर नियंत्रण पाने के लिए बोर्ड लगाए जाएंगे साथ ही साथ इनकी मौतों को रोकने के लिए कदम भी उठाए जाएंगे। चीतल के मौत की जानकारी मिलते ही वन विभाग की तरफ से सबसे पहले इंदिरा विहार व रोजगार्डन प्रभारी राजेश्वर मिश्रा अपनी टीम के साथ पहुंचे तब तक चीतल की मौत हो गई थी।
इस घटना की जानकारी मिलते ही सेव फारेस्ट समिति के अध्यक्ष नरेश शर्मा व सचिव मोहसीन खान मौके पर पहुंचे और वन विभाग के अधिकारियों से लगातार हो रही वन्य प्राणियों की मौत पर चिंता जताते हुए इन्हें रोकने के उपाए करने की अपील की। समिति ने जिले के जंगलों के आसपास प्रचार-प्रसार करने के लिए वाहनों की रफ्तार कम करने संबंधी कदम उठाने को कहा। साथ ही साथ जिले के कटते जंगलों को रोकने के लिए भी ठोस पहल करने के लिए कहा। चूंकि शहर व आसपास के इलाकों में लगातार घटते जंगलों से जंगली जानवर सडक़ों के साथ-साथ शहरी क्षेत्र की ओर रूख करते हैं जिससे कुत्तों के झुंड एवं तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आकर उनकी मौतें हो रही है। जिन्हें रोकने के लिए वन विभाग योजनाबद्ध तरीके से काम करे।
