जांजगीर-चांपी। जिले की पुलिस ने उन बदमाशों को पकड़ लिया, जिन्होंने दो दिन पहले एक नगर सैनिक (होमगार्ड) को मार डाला था। पुलिस के मुताबिक, घटना का मास्टरमाइंड भी नगर सेना का जवान ही था। रविवार को 4 युवकों के अलावा इनके दो नाबालिग साथियों को भी पुलिस ने पकड़ा है। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने होमगार्ड रज्जू तिवारी से रुपए उधार में लिए थे। ब्याज के पैसों पर विवाद होने की वजह से उन्होंने हत्या की प्लानिंग बनाई और उसे मार दिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में इस्तेमाल चाकू और मोटरसाइकिल भी बरामद की है ।
ऐसे पकड़ में आए आरोपी
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी फुटेज खंगाले थे। पुलिस को संतोष मधुकर नाम नगर सैनिक पर शक था। इसने करीब 3 लाख रुपए रज्जू से ले रखे थे। जब पुलिस ने इसे पकड़ा तो इसने बताया कि ब्याज के पैसों को लेकर विवाद हो गया था। संतोष की पत्नी बीमार थी तो वह पैसे नहीं दे पाया, रज्जू इससे बदसलूकी किया करता था। इसी से तंग आकर इसने अपने बेटे जयप्रकाश और उसके दोस्त मनीष शास्त्री, सुनील पंकज और नाबालिगों के साथ हत्या की योजना बना डाली। घटना के दिन आरोपियों ने रज्जू का पीछा किया और एक सुनसान मोड़ पर उसे रोककर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
यह थी वारदात
दो दिन पहले 54 साल के अमोरा निवासी रज्जू तिवारी (होमगार्ड) घर जाने के लिए नवागढ़ थाने से निकले थे। होमगार्ड जांजगीर से लॉकडाउन के कारण ड्यूटी के लिए उन्हें तीन-चार दिन पहले ही नवागढ़ थाना भेजा गया था। गुरुवार को उनकी ड्यूटी चेक पाॅइंट पर लगाई गई थी। ड्यूटी खत्म होने के बाद उन्होंने थाना के बैरक में अपनी वर्दी उतारी और अपने कपड़े पहनकर, बाइक से अमोरा जाने के लिए रात 8 बजे के बाद निकले। रात लगभग 10 बजे के आस-पास आरोपियों ने चाकू से गला रेत कर रज्जू की हत्या कर दी और भाग गए थे।
