रायपुर: छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाले मामले में एक के बाद एक आरोपियों की गिरफ्तारी हो रही है. शराब घोटाला मामले में लिप्त आरोपियों को ईओडब्ल्यू के साथ ही प्रवर्तन निदेशालय की टीम गिरफ्तार कर रही है. सोमवार को शराब घोटाला से जुड़े मामले में EOW ने विदेशी शराब पर कमीशन उगाही करने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
पकड़े गए तीनों आरोपी विदेशी शराब लाइसेंसी कंपनी नेक्सजेन पावर इंजीटेक प्राइवेट लिमिटेड से संबंध रखते हैं. कोर्ट में पेश करने के बाद ईओडब्ल्यू को 26 जुलाई तक रिमांड मिली हुई है. इस दौरान EOW की टीम विदेशी शराब पर कमीशन उगाही करने वाले तीन आरोपियों से पूछताछ करने के बाद 26 जुलाई को उन्हें फिर से कोर्ट में पेश किया जाएगा.
विदेशी शराब कमीशन उगाही मामला: Eow के मुताबिक पकड़े गए तीनों आरोपी संजय मिश्रा, मनीष मिश्रा और अभिषेक सिंह को गिरफ्तार किया गया. जांच में यह बात सामने आई की साल 2020 से साल 2021 में विदेशी शराब पर कमीशन उगाही कर आबकारी सिंडिकेट के भरोसेमंद तीन कंपनियों को एफएलए 10 लाइसेंस दिया गया था. शराब निर्माता कंपनी पहले इन लाइसेंसी कंपनियों को शराब सप्लाई करती, फिर उस कीमत पर 10% का मार्जिन जोड़कर यह कंपनियां आबकारी विभाग के CSMCL (Chhattisgarh State Marketing Corporation Limited) को शराब बेचती थी. इस प्रकार 10% का अतिरिक्त लाभ इन लाइसेंसी कंपनियों को हो रहा था.
इस लाभ का 60% हिस्सा सिंडिकेट को जाता था. बाकी बचा 40 प्रतिशत हिस्सा लाइसेंसी कंपनियां स्वयं रखती थी. इस दोषपूर्ण लाइसेंसी व्यवस्था के चलते सरकार के राजस्व में करोड़ों का नुकसान हुआ है. गिरफ्तार आरोपियों के द्वारा अपने लाभ के हिस्से का 60% हिस्सा सिंडिकेट के प्रमुख अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा और अन्य लोगों को पहुंचाया जाता था.




















