बच्ची शवों के पास बैठकर रो रही थी, सड़क से गुजर रहे लोगाें ने देखा तो पुलिस को दी सूचना
जशपुरनगर. छत्तीसगढ़ के जशपुर में शनिवार देर शाम 20 फीट गहरी खाई में स्कूटी गिरने से पति-पत्नी की मौत हो गई। दंपति अपनी 9 वर्षीया दिव्यांग बेटी का उपचार कराने के लिए उसे नाना के घर ले जा रहे थे। खास बात यह रही कि इतने बड़े हादसे के बावजूद बच्ची को कुछ नहीं हुआ। हादसे के बाद सड़क से गुजर रहे लोगों ने बच्ची को शव के पास रोते हुए देखा तो पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों के शवो को एंबुलेंस से पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुंचाया। हादसा बागीचा थाना क्षेत्र के ग्राम मरोल के पास हुआ है। मूक-बधिर है बच्ची, अपनी मां के शव के पास बैठकर रो रही थी
जानकारी के मुताबिक, ग्राम मरोल निवासी सुधीर टोप्पो (40) शनिवार शाम को स्कूटी पर अपनी पत्नी सेलिना टोप्पो (30) और 9 वर्षीय दिव्यांग बच्ची को बिठाकर अपने ससुराल झुरूडांड़ के लिए निकले थे। ग्रामीणों के मुताबिक सुधीर टोप्पो की बेटी बीमार थी और उसकी देसी दवा कराने के लिए नाना के घर ले जा रहे थे। रास्ते में मरोल से पहले एक घाटी में सुधीर ने स्कूटी पर नियंत्रण खो दिया और 20 फीट गहरी खाई में जा गिरी। सिर में आई गंभीर चोट के कारण मौके पर ही सुधीर और उसकी पत्नी सेलिना की मौत हो गई। जबकि बच्ची को खंरोंच तक नहीं आई।
घटना कैसे हुई इसका कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं है। घटना के बाद इस सड़क से गुजर रहे कुछ लोगों की नजर गड्ढे पर पड़ी तो वहां स्कूटी गिरी हुई दिखाई पड़ी। नीचे उतरकर लोगों ने देखा तो दिव्यांग बच्ची अपनी मां के मृत शरीर के पास बैठी रो रही थी। पास में ही उसके पिता की भी लाश पड़ी हुई थी। घटना के बाद लोगों ने इसकी सूचना पुलिस व एंबुलेंस को दी। एंबुलेंस कर्मी मौके पर नहीं पहुंच सके। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लाश का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बताया जा रहा है कि बच्ची मूक-बधिर है और पूरी तरह से अपने माता-पिता पर आश्रित थी।
घटना सूने सड़क पर हुई है इसलिए इसका कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं है। लाश पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। स्कूटी सवार अपने ससुराल के लिए निकला था। रास्ते में उसने स्कूटी पर से अपना नियंत्रण खो दिया और यह घटना घटित हुई। मामले की जांच की जा रही है।
विकास शुक्ला, टीआई, बगीचा।
