दया याचिका खारिज : राष्ट्रपति ने एक और दोषी अक्षय ठाकुर की दया याचिका की खारिज, 4 में से 3 की अब तक ठुकरायी जा चुकी है जीवनदान की मांग, फांसी अब दूर नहीं

नयी दिल्ली 5 फरवरी 2020। निर्भया के दोषियों की फांसी का शिकंजा अब कसने ही वाला है। गैंगरेप और मर्डर केस के एक दोषी अक्षय ठाकुर की दया याचिका राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने खारिज कर दी है. अक्षय ठाकुर ने शनिवार को राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेजी थी. राष्ट्रपति ने अक्षय ठाकुर की दया याचिका को ठुकरा दिया है। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद अब तक 4 दोषियों में से 3 की दया याचिका ठुकरा चुके हैं. राष्ट्रपति के पास निर्भया के दोषी मुकेश, विनय और अक्षय ठाकुर ने दया याचिका भेजी थी जिसे वे खारिज कर चुके हैं।

गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बुधवार को इस बारे में बताया. सिंह ने कुछ दिन पहले राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दाखिल की थी. एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति ने सिंह की दया याचिका खारिज कर दी. कोविंद मामले में दो अन्य आरोपियों मुकेश सिंह और विनय कुमार शर्मा की दया याचिका पहले ही खारिज कर चुके हैं.

राष्ट्रपति के पास सबसे पहले दया याचिका खारिज करने वाले मुकेश ने याचिका खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखाया था, लेकिन उसे वहां से भी राहत नहीं मिली थी। 16 दिसंबर, 2012 को दिल्ली में निर्भया के साथ हुई बर्बरता की घटना के चारों दोषियों के खिलाफ दो बार डेथ वॉरंट जारी हो चुका है, लेकिन फांसी की सजा टालने के लिए चारों बारी-बारी से कानूनी उपचारों का इस्तेमाल कर रहा है। इस मकसद में उन्हें काफी हद तक सफलता भी मिल रही है।

पटियाला हाउस कोर्ट ने 1 फरवरी को फंसी पर लटकाने के लिए खुद के जारी दूसरे डेथ वॉरंट पर भी रोक लगा दी। इसके खिलाफ केंद्र और दिल्ली सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन हाई कोर्ट ने भी दोषियों को सात दिनों की मोहलत दे दी। अब केंद्र और दिल्ली सरकार ने हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी है।


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here