श्रमिकों की हितैषी जिला व पुलिस प्रशासन… 120 किलोमीटर पैदल चलकर आए 8 श्रमिकों के लिए स्थानीय प्रशासन व चक्रधरनगर स्टॉफ ने दिखाई उदारता,  श्रमिकों को भोजन व  चेकअप बाद भिजवाया गया उनके गृहग्राम….

रायगढ़।  इस लॉक डाउन में जो जहां है वहीं रहने का आदेश शासन व प्रशासन द्वारा सभी के लिए दिया गया है । किंतु एक बड़ा वर्ग जो रोज कमाता और रोज अपने परिवार का पेट भरता है, ऐसे लाखों मजदूरों को अपनी रोजी-रोटी तथा उनसे दूर अपने परिवारजनों की चिंता उन्हें सैकड़ों किलोमीटर भी पैदल चलने को मजबूर कर देता है । ऐसा ही एक वाकया जिले में आज सामने आया ।

जानकारी के अनुसार बरगढ़ उड़ीसा में लेबर का काम कर रहे ग्राम बहमा लैलूंगा के रहवासी लाक डाउन में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इंतजाम ना हो पाने से अपनों के पास जाने के लिए पैदल ही निकल गए । जिन्हें थाना चक्रधरनगर के टी.वी. टावर चेक प्वाइंट पर रक्षित केंद्र रायगढ़ के आरक्षक रूपेंद्र जयसवाल व वीरेंद्र तिर्की ने आते हुए रोका । 08 लोगों के समूह को देखकर उनके पलायन की आशंका देख उन्हें पूछताछ किए तो वे बताएं कि बरगढ़ उड़ीसा के आगे करीब 120 किलोमीटर पैदल चल कर आ रहे हैं । तब आरक्षकों के  माथे का पसीना और बढ़ गया । आरक्षकों ने उनसे शारीरिक दूरी बनाकर उन्हें पास के दुकान के बरामदे में बिठाये और अपने पास रखे ग्लूकोज, पानी और पहनने के लिए मास्क दिए । उसके बाद पूछताछ में पता चला कि वे पैदल ही अपने गांव बहमा लैलूंगा जा रहे हैं जो करीब 85 किलोमीटर और आगे है । दोनों आरक्षकों का दिल पसीजा,  तत्काल उन्होंने उनके भोजन की व्यवस्था के लिए चक्रधरनगर पेट्रोलिंग को कॉल कर बुलाया गया, पेट्रोलिंग फूड वाहन ने उन्हें भोजन पैकेट दिया जिसे वे वही खाए ।  चक्रधरनगर पेट्रोलिंग के उपनिरीक्षक भागवत डेहरिया भी वहां पहुंचे।  श्रमिकों के आने की जानकारी उपनिरीक्षक भागवत डाहरिया द्वारा कलेक्ट्रेट में कोविड-19 क्विक रिस्पांस टीम को कॉल कर दिया गया।  तत्काल कलेक्ट्रेट से कोविड-19 क्विक रिस्पांस टीम एंबुलेंस के साथ आई और उन्हें चेकअप के लिए लेकर गई, चेकअप में कोई भी संक्रमित नहीं था । श्रमिकों की दशा देख थाना प्रभारी चक्रधरनगर निरीक्षक विवेक पाटले द्वारा एसडीएम रायगढ़ को जानकारी दिया गया जिनके द्वारा श्रमिकों को घर तक पहुंचाने के लिए एक चार पहिया वाहन व्यवस्था की गई । घर जाने से पहले सभी श्रमिक उसी टीवी टावर चेक पोस्ट पर आए और दोनों आरक्षकों को धन्यवाद देते हुए अपने घर के लिए रवाना हो गए ।


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