रायपुर. लॉकडाउन खत्म होने या आगे जारी रहने की स्थिति को लेकर राज्य सरकार ने केंद्र को कुछ सुझाव भेजे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि कंटेनमेंट जोन को छोड़कर शेष सभी क्षेत्रों में आवश्यक और गैर आवश्यक वस्तुओं की बिक्री की अनुमति मिलनी चाहिए। अंतर्राज्यीय सीमाओं को बंद ही रखा जाए, वाहन शोरूम, वर्कशॉप और ई-कामर्स सेवाएं शुरू करें, होटलों को फिजिकल डिस्टेंस की शर्त पर मिले केवल रहवासी सुविधाएं देने की अनुमति, रेड जोन, ऑरेंज जोन और ग्रीन जोन के निर्धारण का अधिकार राज्यों को मिले, श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के अलावा नई ट्रेन राज्यों की अनुमति से चलाई जाएं, वायु मार्ग से केवल लॉकडाउन में फंसे हुए लोगों को लाया जाए।
इस तरह देश के लगभग सभी मुख्यमंत्री केंद्र सरकार को सुझाव भेज रहे हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साफ किया है कि लॉकडाउन 4 के बारे में जानकारी 18 मई से पहले देश को दी जाएगी। इससे यह भी साफ हो गया है कि लॉकडाउन पूरी तरह से खत्म नहीं होने वाला है। मुख्यमंत्री बघेल ने श्रमिकों और अन्य व्यक्तियों के अंतर्राज्यीय परिवहन तथा राज्य के भीतर एक स्थान से दूसरे स्थान पर होने वाले परिवहन व्यय के भुगतान के लिए एसडीआरएफ (राज्य आपदा मोचन निधि) में प्रावधान करने का अनुरोध किया है। छत्तीसगढ़ के 1.50 लाख श्रमिक और आम लोग बाहर फंसे हैं। जिनकी वापसी का काम किया जा रहा है।
