रायपुर. छत्तीसगढ़ में कोरोना की रफ्तार ने जोर पकड़ लिया है। बुधवार से मरीजों के मिलने की रफ्तार गुरुवार को भी बनी हुई है। प्रदेश में गुरुवार को कोरोना संक्रमण के 11 नए मामले सामने आए हैं। इनमें रायपुर ,कांकेर, सरगुजा, बालोद में 1-1, जांजगीर में 3 और राजनांदगांव से 4 नए मामले सामने आए हैं। खास बात यह है कि रायपुर में जहां फिर संक्रमण की वापसी हुई है, वहीं बस्तर संभाग में भी कोरोना ने दस्तक दे दी है। रायपुर में मिला नया संक्रमण मोवा इलाके का है। वहीं कांकेर के भानुप्रतापपुर में युवक 14 मई को मुंबई से लौटा था। इसके बाद उसे दुर्गुकोंदल विकासखंड के कलंगपुरी गांव में बनाए गए क्वारैंटाइन सेंटर में रखा गया था। इसके बाद प्रदेश में एक्टिव केसाें की संख्या बढ़कर 67 हो गई है। जबकि प्रदेश में संक्रमण के कुल मामले 126 पहुंच गई है।
छत्तीसगढ़ में कोरोना का आंकड़ा
- 126 संक्रमित मिले : दुर्ग-10, राजनांदगांव-10, बालोद-14, कवर्धा-8, रायपुर-8, बलौदाबाजार-8, बिलासपुर-6, रायगढ़-5, कोरबा- 29, जांजगीर चाम्पा-14, मुंगेली-1, सरगुजा-3, कोरिया-1, सूरजपुर-7, कांकेर-1
- 67 एक्टिव केस : कांकेर-1, रायपुर-1, बिलासपुर-5, राजनांदगांव-9, बालोद-14, कवर्धा-2, बलौदाबाजार-8, गरियाबंद-1, रायगढ़-5, कोरबा-1, जांजगीर चाम्पा-14, मुंगेली-1, सरगुजा- 3, कोरिया-1, सूरजपुर- 1
- 59 मरीज स्वस्थ हुए : दुर्ग-10, राजनांदगांव-1, कवर्धा-6, रायपुर-7, बिलासपुर-1, कोरबा- 28, सूरजपुर- 6
- पहला मामला : राज्य में कोरोना पॉजिटिव का पहला मामला रायपुर में मार्च के महीने में सामने आया था। यहां एक युवती विदेश से लौटी थी।
- स्थानीय और श्रमिक : अब जिन लोगों में कोरोना संक्रमण दिख रहा है, उनमें से कोई भी विदेश से लौटा व्यक्ति नहीं है। सभी सामान्य नागरिक या श्रमिक हैं।
क्वारैंटाइन सेंटर में ही बिगड़ी दोनों युवकों की तबीयत
छत्तीसगढ़ में काेरोना संक्रमण के बीच बुधवार देर रात बेमेतरा और जाजंगीर के क्वारैंटाइन सेंटर में रखे गए दो युवकों की मौत हो गई। दोनों युवक मजदूरी करते थे और एक दिन पहले ही क्वारैंटाइन सेंटर पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि बेमेतरा में साजा ब्लॉक के सेमरिया गांव में बनाए गए क्वारैंटाइन सेंटर में राजू ध्रुव (35) पिता अघनु मुंबई से लौटा था। जबकि जांजगीर में गुजरात से लौटे श्रमिक जुनाडीह झिलमिली गांव निवासी बीरबल (30) पिता नरायण महेशवरी को मुलमुला प्राथमिक शाला में बनाए गए क्वारैंटाइन सेंटर में रखा गया था। दाेनों की मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। स्वास्थ्य विभाग ने उनके सैंपल जांच के लिए भिजवाए हैं।

प्रदेश में जनशताब्दी चलेगी, दो और ट्रेनें गुजरेंगी
1 जून से चलने वाली 200 ट्रेनों के लिए रेलवे ने गुरुवार सुबह 10 बजे से ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी है। रेलवे ने 100 जाेड़ी ट्रेनाें की सूची जारी की है। इनमें 73 जाेड़ी मेल-एक्सप्रेस, 5 जाेड़ी नाॅन एसी दूरंताे और 22 जाेड़ी जनशताब्दी हैं। पूरी तरह आरक्षित इन ट्रेनाें में एसी और नाॅन एसी दाेनाें श्रेणियां हाेंगी। वहीं, बिलासपुर जोन को रायगढ़-गोंदिया-रायगढ़ जनशताब्दी एक्सप्रेस ही चलाने की अनुमति मिली है। इसके अलावा मुंबई-हावड़ा मेल व हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस यहां से गुजरेगी।
रेलवे स्टेशनों पर स्टॉल भी खुलेंगे
- जरनल डिब्बे में बैठने के लिए भी यात्रियों को आरक्षण करवाना हाेगा। हालांकि तत्काल और प्रीमियम बुकिंग की सुविधा नहीं दी गई है।
- रेलवे बोर्ड ने स्टेशनों पर स्टॉल तत्काल प्रभाव खोलने का निर्देश दिए हैं। खाने-पीने, रिफ्रेशमेंट, दवा और बुक स्टाॅल अब खुल पाएंगे।
- फूड प्लाजा और रिफ्रेशमेंट रूम में यात्रियाें काे बैठकर खाने की इजाजत नहीं हाेगी। उन्हें सिर्फ टेकअवे के ताैर पर खाना दिया जा सकता है।
रायपुर रेड जोन में, घरेलू फ्लाइट को लेकर पहली सूची आज
केंद्रीय एविएशन मंत्रालय ने देशभर के चुनिंदा शहरों में घरेलू विमान सेवाएं 25 मई से शुरू करने का ऐलान कर दिया है। इन शहरों में रायपुर के शामिल होने को लेकर संशय है। केंद्र की सूची में रायपुर अब भी एम्स में भर्ती मरीजों के कारण रेड जोन में बना हुआ है। एयरपोर्ट अफसरों का कहना है, तैयारी पूरी है, लेकिन सूची जारी होने के बाद ही फ्लाइट शुरू करने की आगे प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। रायपुर एयरपोर्ट पर लॉकडाउन में घरेलू उड़ान बंद होने के पहले फरवरी और मार्च में ही यात्रियों की संख्या में 24 फीसदी की कमी आ चुकी थी।
दो घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंचना जरूरी
- यात्री अपने साथ केवल 20 किलो का एक बैग ले जा सकेंगे।
- संक्रमण के लक्षण दिखे तो यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
- आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना अनिवार्य, ग्रीन सिग्नल जरूरी।
- फ्लाइट के अंदर और लाइन में सोशल डिस्टेंसिंग रखना होगा।
- ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को पीपीई किट पहननी होगी।
- यात्रा के समय से दो घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंचना होगा।
- फ्लाइट में तीन सीट मेडिकल इमरजेंसी के लिए आरक्षित।
- जरूरत पर ही प्रिंटेड बोर्डिंग पास और चेक-इन बैगेज जरूरी।
