रायगढ़, 14 जुलाई2020/ कलेक्टर श्री भीम सिंह ने आज कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में टीएल (समय-सीमा) की बैठक में सभी शासकीय जिला स्तर के विभागीय कार्यों के प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजनाओं में गोधन न्याय योजना, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, आदिवासी क्षेत्रों में सामुदायिक वन अधिकार पट्टों का वितरण और सघन पौधारोपड़ अभियान पर विशेष ध्यान देने को कहा, उन्होंने केन्द्र और राज्य शासन द्वारा किसानों के लिए संचालित योजनाओं का शत-प्रतिशत किसानों को लाभ दिलाने के निर्देश दिये और किसानों के पंजीकरण में पटवारी तथा आरइओ को संयुक्त रूप से रिकार्ड का मिलान कर किसानों की जानकारी दर्ज करने हेतु निर्देशित किया साथ ही ऐसे किसान जो आधार नंबर तथा बैंक एकाउंट नंबर तथा उनके नामों में अंतर के त्रुटि के कारण सम्मान निधि से वंचित हो रहे है इन तकनीकी त्रुटियों को तत्काल सुधारने और सत्यापन कर किसानों का पंजीयन करने के निर्देश दिये।
कलेक्टर श्री सिंह ने जिले के सभी गौठानों में निर्धारित मानक के अनुसार 30-30 वर्मी कम्पोस्ट पिट का निर्माण करने हेतु निर्देशित किया क्योंकि प्रत्येक गौठान में गोधन न्याय योजना के तहत गोबर क्रय किया जाना है और उससे वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार किया जाना है। उन्होंने प्रत्येक गौठान में शौचालयों का निर्माण कराने के लिए भी निर्देश दिये। कलेक्टर श्री सिंह ने सभी एसडीएम को गौठानों के निर्माण में आने वाली बाधाओं को दूर करने और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिये। उन्होंने नरवा विकास योजना के तहत जिले के वन क्षेत्रों अथवा सामान्य राजस्व क्षेत्रों से बहने वाले नालों को विकसित करने के लिए वन विभाग और राजस्व विभाग को संयुक्त रूप से कार्य करने पर ध्यान देते हुये अधिकांश कार्य रोजगार गारंटी योजना के माध्यम से कराये जाने हेतु प्रस्ताव तैयार करने को निर्देशित किया।
कलेक्टर श्री सिंह ने सभी ग्राम पंचायतों के रिक्त पड़त भूमि का चिन्हांकन करने और इस भूमि पर समितियों के माध्यम से बाड़ी विकसित किये जाने के निर्देश दिये। बैठक के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को जिले के सभी नलकूप और हेण्ड पंपों के समीप रिचार्ज पिट तथा शॉक पिट का निर्माण अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिये।
कलेक्टर श्री सिंह ने जिले में लगने वाले हाट-बाजारों में हेल्थ कैम्प लगाने तथा ग्रामीणों को स्वास्थ्य जांच किये जाने के निर्देश देते हुये कहा कि ग्रामीण क्षेत्र जहां स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है वहां ग्रामीण जनों के लिये मेडिकल चेकअप बहुत ही आवश्यक कार्य है। स्वास्थ्य विभाग को यह कार्य पूर्ण जिम्मेदारी से करनी चाहिये। कलेक्टर श्री सिंह ने शासन के निर्देशानुसार सामुदायिक वन पट्टा वितरण के संबंध में निर्देशित किया। वन क्षेत्र स्थित गांवों में तालाब, धार्मिक स्थानों, खेलकूद मैदान, श्मशान तथा स्कूल के लिये सामुदायिक पट्टा का प्रस्ताव तैयार किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने बाहर से आने वाले प्रवासी श्रमिकों को स्थानीय उद्योगों में उनके कार्यानुभव के आधार पर रोजगार दिलाने तथा रोजगार गारंटी योजना में कार्य कराने हेतु निर्देश दिये।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि प्रवासी मजदूरों को रोजगार गारंटी योजना में काम कराने में कोई भेदभाव नहीं बरतने के निर्देश दिये क्योंकि ये सभी श्रमिक क्वारेंटीन की अवधि पूर्ण कर चुके है और इनके सेम्पल की जांच हो चुका है। इनके कार्य करने से किसी प्रकार की बीमारी का खतरा नहीं है। उन्होंने कोरोना संक्रमण को रोकने तथा इससे बचाव के उपाय के बारे में सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में दुकानदारों से ‘मास्क नहीं सामान नहींÓ की नीति का पालन कराये जाने तथा सोशल डिस्टेंस का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। कलेक्टर श्री सिंह ने होम क्वारेंटीन के नियमों का पालन करने और पूरे जिले में मास्क की अनिवार्यता को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिये साथ ही गाइड लाइन का उल्लंघन करने पर एफआईआर दर्ज कराने को निर्देशित किया।
कलेक्टर श्री सिंह ने उद्योग, श्रम तथा रोजगार अधिकारी से कहा कि बाहर से आने वाले श्रमिकों में बहुत से व्यक्ति टेक्सटाइल्स मिलों में कार्य का अनुभव रखते है इसलिए सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों और सभी निजी एवं शासकीय शिक्षण संस्थाओं में हाथकरघा व कपड़ों से डे्रस तैयार कराये जाने पर इन श्रमिकों को बहुत बड़ा रोजगार उपलब्ध हो सकेगा। कलेक्टर श्री सिंह ने सुपोषण अभियान की समीक्षा के दौरान महिला बाल विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों और महिलाओं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने तथा उन बच्चों और महिलाओं को कुपोषण मुक्ति हेतु काउंसलिंग कराये जाने पर ध्यान देने के निर्देश दिये। उन्होंने वर्षा काल में अधिक से अधिक मात्रा में पौधा रोपड़ करने और उनका संरक्षण करने हेतु कहा, जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को जिले के चारों नदियों के दोनों किनारों पर सघन वृक्षारोपण का प्रस्ताव तैयार कर वन विभाग के सहयोग से पूरा करने के लिए निर्देशित किया।
टीएल की बैठक में सभी विभागों के कार्यालय प्रमुखों ने अपने-अपने विभागों द्वारा किये गये कार्यो का ब्यौरा प्रस्तुत किया। बैठक के दौरान एडीएम श्री राजेन्द्र कुमार कटारा, जिला पंचायत सीईओ सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी, वनमंडलाधिकारी श्री मनोज पाण्डेय, अपर कलेक्टर श्री आर.ए.कुरूवंशी, निगम आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय सहित सभी विभागों के जिला कार्यालय प्रमुख उपस्थित थे।
