रायगढ़.जिले में बढ़ते औद्योगीकरण को मद्देनजर रखते हुए संवेदनशील विधायक प्रकाश नायक वनों के संरक्षण को लेकर काफी चिंतित हैं। रायगढ़ जिले में वनों के संरक्षण हेतु वे प्रतिबद्ध हैं। युवा विधायक प्रकाश नायक ने विधानसभा सत्र के पहले दिन सवाल उठाया कि कितनी वन भूमि का उपयोग उद्योगों द्वारा किया जाना प्रस्तावित है तथा उद्योंगों द्वारा वैकल्पिक वृक्षारोपण की क्या व्यवस्था है ? विधायक श्री नायक ने तारांकित प्रश्न क्र. 252 में वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर से पूछा कि वर्ष 2017-18 से 31 जुलाई 2020 तक रायगढ़ जिले में खनन तथा उद्योग स्थापना हेतु कितने उद्योगों द्वारा कुल कितनी वनभूमि वनभूमि व्यपवर्तन हेतु आवेदन दिया है, उद्योगवार जानकारी देवें ? इसी तरह कुल कितने उद्योगों का वनभूमि व्यपवर्तन प्रकरण लंबित है तथा उद्योगों द्वारा वैकल्पिक वृक्षारोपण हेतु कुल कितनी निजी व शासकीय भूमि वन विभाग को प्रदान की गयी है ?
इस प्रश्न का जवाब देते हुए वन मंत्री श्री अकबर ने कहा कि वर्ष 2017-18 से 31 जुलाई 2020 तक रायगढ़ जिले में रायगढ़ वनमण्डल के अंतर्गत खनन तथा उद्योग स्थापना हेतु 4 उद्योगों द्वारा कुल 1121.420 हे. एवं धरमजयगढ़ वनमण्डल के अंतर्गत 1 उद्योग द्वारा 55,850 हे. कुल 5 उद्योगों द्वारा 1177.270 हे. वनभूमि व्यपवर्तन हेतु आवेदन किया गया है। इसी तरह 5 उद्योगों का वनभूमि व्यपवर्तन प्रकरण लंबित है। उद्योगों द्वारा वैकल्पिक वृक्षारोपण हेतु कोई निजी व शासकीय भूमि वन विभाग को प्रदान नहीं की गयी है।
विधायक ने कहा कि पर्यावरण सुरक्षा को देखते हुए जिले में वनों का संरक्षण काफी अहम है। वन भूमि के घटते क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए हमें भविष्य के लिए सजग रहना भी आवश्यक है।
