नई दिल्ली 15 नवंबर 2019। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को बड़ा झटका लगा है….वो अब झारखंड विधानसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अभी उनकी अयोग्यता का एक साल और बकाया है। इधर चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया गया है। कोर्ट ने कहा कि आपकी याचिका पर मेरिट पर सुनवाई करेंगे। कोर्ट ने यह भी कहा कि आप खुद ही देरी के लिए जिम्मेदार हैं। मधु कोड़ा की अयोग्यता के खिलाफ अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने ये बात कही है. बता दें कि झारखंड में 30 नवंबर से 20 दिसंबर तक चुनाव होने हैं।
झारखंड के एकमात्र निर्दलीय मुख्यमंत्री रहे मधु कोड़ा अब कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं और पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते थे. इसलिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर चुनाव लड़ने की अनुमति मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने उन्हें राहत देने से साफ इन्कार कर दिया. इसके पहले झारखंड हाइकोर्ट ने हिस्ट्रीशीटर से नेता बने झारखंड के पूर्व मंत्री गोपाल दास पातर उर्फ राजा पीटर और पूर्व नक्सली कुंदन पाहन को एनआइए की विशेष अदालत ने जेल से चुनाव लड़ने की अनुमति दी थी.
अक्सर चर्चा में रहने वाले मधु कोड़ा का नाम कोयला घोटाले में भी आया था और 2017 में एक अदालत ने उन्हें तीन साल जेल और 25 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी.मधु कोड़ा के राजनीतिक सफर की शुरुआत छात्र राजनीति से हुई थी. वह ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन में सक्रिय रहे थे. इसके बाद कोड़ा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से भी जुड़े रहे. इससे पहले उन्होंने बतौर ठेका मजदूर भी काम किया. इस दौरान मधु कोड़ा मजदूर यूनियन के नेता भी बने.इसी बीच कोड़ा झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के संपर्क में आए और सन 2000 में पहली बार बीजेपी के टिकट पर जगन्नाथपुर से विधायक बने. झारखंड के अस्तित्व में आने के बाद वह बीजेपी की अगुवाई वाली बाबू लाल मरांडी सरकार में स्वतंत्र प्रभार के मंत्री भी रहे. आगे चलकर वह 2006 में बतौर निर्दलीय मुख्यमंत्री भी बन गए.
