टाईगर को रेस्क्यू करने सात सदस्यीय कमेटी गठित, हाथी की मौत के बाद वन विभाग संडे को भी एक्शन में, इलाके में धारा 144 लागू

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राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण के गाइडलाइन के तहत पीसीसीएफ वाईल्डलाइफ अतुल शुक्ला ने इस कमेटी को बनाया है। इसमें उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व के डायरेक्टर एचएल रात्रे, सीसीएफ दुर्ग शालिनी रैना, वाईल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के अशासकीय संगठन प्रतिनिधि डा0 आरके मिश्र, राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण के प्रतिनिधि एम सूरज, पशु चिकित्सक नंदन वन डा0 राकेश वर्मा, उपसरपंच मगट्टा वैधनाथ यावद, राजनांदगांव के डीएफओ बीपी सिंह शामिल है। यह कमेटी एडिशनल पीसीसीएफ वाईल्डलाइफ डा0 एसके सिंह के मार्गदर्शन में रेस्क्यू करके उसे बाघ रहवासी क्षेत्र में छोड़ने का काम करेगी।


बताते हैं, कटघोरा में मादा हाथी के दलदल में फंस कर दम तोड़ देने के बाद राज्य सरकार की कार्रवाई से वन विभाग सहमा हुआ है। सरकार ने न केवल कटघोरा के डीएफओ को सस्पेंड कर दिया बल्कि पीसीसीएफ वाईल्डलाइफ और बिलासपुर के सीसीएफ को कड़े शब्दों में कारण बताओ नोटिस भेजा है। इसलिए, मनगट्टा में बाघ देखे जाने के बाद विभाग के अफसर आज रविवार छुट्टी होने के बाद भी इस घटना को संज्ञान लेकर कार्रवाइ्र्र शुरू कर दी। पता चला है, आज सुबह एडिशनल पीसीसीएफ वाईल्डलाइफ डा0 एसके िंसंह को पीसीसीएफ ने राजनांदगांव रवाना किया था। उनके मार्गदर्शन में ही रेस्क्यू चल रहा है।
इससे पहले 2010 में राजनांदगांव के ही छुरिया में एक बीमार बाघिन को लोगों द्वारा पीट-पीटकर हत्या करने की घटना हो चुकी है।


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