3 इनामी समेत कुल 25 नक्सली मददगारों ने किया सरेंडर, सड़कें काटने,  हथियार लूटने जैसी वारदातों में थे शामिल

दंतेवाड़ा पुलिस ने लोन वर्राटू (घर वापस आइए) अभियान, 40 से ज्यादा नक्सली और मददगार छोड़ चुके हैं माओवाद का रास्ता, अब जिला प्रशासन और पुलिस करेगी इनके रोजगार का इंतेजाम, सभी ने ली नक्सलवाद को खत्म करने की शपथ

दंतेवाड़ा. दंतेवाड़ा. जिले के 25 ग्रामीणों ने आत्मसमर्पण कर दिया। यह सभी आम लोगों के बीच रहकर नक्सलियों की मदद किया करते थे। पुलिस की जानकारी पहुंचाना, सड़कें काटना, बम लगाना और हथियार लूटने के अलावा कुछ ग्रामीणों की हत्या करने जैसी वारदातों में शामिल रहे। इनमें 4 महिलाएं शामिल हैं। कुछ ऐसे भी हैं जिनपर 1-1 लाख रुपए का इनाम सरकार ने घोषित कर रखा था और पुलिस को इनकी तलाश थी।

गुरुवार की सुबह जिले के कुआकोंडा थाना इलाके के कुछ गांवों में रह रहे नक्सल मददगारों ने समर्पण कर दिया। यह सभी बंदूक लेकर वर्दी पहनकर नक्सलियों के साथ रहने की बजाए गांवों में रहकर नक्सलियों के लिए काम करते थे। सरेंडर करने वालों में 1-1 लाख का इनामी जाएंगे बुधराम तामो, मांझी बारसे, देवे सोढ़ी (महिला) शामिल हैं।

इनके अलावा माओवादियों के दरभा डिवीजन के कटेकल्याण एरिया कमेटी के नक्सली  हुर्रा कुंजा, कीके कुंजाम, भीमा राम तामो, सुदरू भास्कर, लक्ष्मण  बारसा, हिड़मा कुंजाम, गंगा कोर्राम, माडका बारसे, हड़मा कुंजाम, बुधराम सोरी, बामन मड़काम, सुक्का सोढ़ी, देवा सोढ़ी, हुंगा सोढ़ी, हुंगा ओयामी, गणेश राम पदम, लिंगा कोहरामी, दूले माड़वी, हुर्रे बारसे, माड़के बारसे, बिज्जा कड़ती और सोन कुंजाम ने सरेंडर किया

अब नक्सलवाद को खत्म करने की शपथ 

नक्सलियों के लिए काम करने वाले इन ग्रामीणों के पोस्टर पुलिस ने जगह-जगह लगा रखे थे। इस वजह से सभी ने समर्पण करने की ठानी। जिले के कलेक्टर दीपक सोनी, सीआरपीएफ के आई जी डीएन लाल और जिले के एसपी अभिषेक पल्लव की मौजूदगी में ग्रामीणों ने नक्सलवाद को छोड़ने, सड़कें ना काटने, सरकार की योजनाओं का लाभ लेने, बच्चों को स्कूल भेजने जैसी बातों की शपथ ली। सभी को 10-10 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई। प्रशासन इनके रोजगार का बंदोबस्त करेगा।


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