24 फरवरी को खिलायी जाएगी डीईसी एवं एलबेन्डाजॉल की गोली, कृमि तथा हाथी पॉव की रोकथाम के लिए होगा सामूहिक दवा सेवन

रायगढ़। कलेक्टर श्री यशवंत कुमार के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी के मार्गदर्शन में फाईलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सामूहिक रूप से दवा सेवन कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम का आयोजन पर रायगढ़ जिले के समस्त आबादी में से 85 प्रतिशत लक्षित जनसंख्या को सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम के तहत डी.ई.सी. एवं एल्बेन्डाजॉल की गोली खिलाई जानी है। इस संबंध में जिला समन्वय समिति की बैठक कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिसमें मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा समस्त विभाग प्रमुखों को राष्ट्रीय फाईलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी गई।

जिला मलेरिया अधिकारी डॉ.टी.जी.कुलवेदी ने बताया कि 24 फरवरी को पहले दिन बूथ में डी.ई.सी. एवं एलबेन्डाजॉल की गोली खिलाई जायेगी। 25 एवं 26 फरवरी को घर-घर पहुँच कर परिवार के लोगों को दवाई खिलाने वाला दल अपने समक्ष दवाई खिलाई जायेगी। दवाईयों को खाली पेट नहीं खिलाना है। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम के तहत समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्कूलों एवं शिक्षण संस्थानों में 1 वर्ष से 19 आयु वर्ग के समस्त पंजीकृत, गैर पंजीकृत बच्चों किशोर, किशोरियों को गोली खिलाई जावेगी। दवाई की खुराक उम्र अनुसार देनी है, जिसमें 0 से 1 वर्ष के बच्चों को गोली नहीं खिलाई जावेगी। 1 से 2 वर्ष आयु के बच्चों को एल्बेन्डाजॉल की आधी गोली, 2 से 5 वर्ष 1 गोली डी.ई.सी. 1 गोली एलबेन्डाजॉल, 6 से 14 वर्ष 2 गोली डी.ई.सी. 1 गोली एलबेन्डाजॉल, 6 से 14 वर्ष 3 गोली डी.ई.सी. 1 गोली एलबेन्डाजॉल, 15 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति को 3 गोली डी.ई.सी., 1 गोली एल्बेन्डाजॉल खिलाई जावेगी। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. टी.जी. कुलवेदी ने समस्त विभाग प्रमुखों को जानकारी दी गई है कि स्वयं गोली खावें और परिवार, मित्र, परिचितों को प्रेरित करें ताकि हम फाईलेरिया जैसी घातक बीमारी से बच सके। एक खुराक दवा खाने से हम एक वर्ष तक सुरक्षित रह सकते है। लगातार 5 वर्ष तक 5 खुराक खाने पश्चात आजीवन फाईलेरिया से सुरक्षित हो जाते है।

कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के आरोग्यम सभाकक्ष में जिला स्तरीय अन्तर्विभागीय समन्वय बैठक सह प्रशिक्षण का अयोजन 17 फरवरी को किया गया। जिसमें मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस एन. केशरी ने प्रशिक्षण में सम्मिलित खण्ड चिकित्सा अधिकारी, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, परियोजना अधिकारी महिला बाल विकास, उच्च शिक्षण संस्थान प्रमुख से कार्यक्रम में सहयोग हेतु आग्रह किया।


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