दो गांवों के बीच जमकर चले पत्थर और लाठी-डंडे, मनरेगा के तहत भूमि सीमांकन को लेकर हुआ विवाद 

गुरुर ब्लॉक के ग्राम घोघोपुरी और पेंवरों की घटन, दोनों गांव के लोगों ने एक-दूसरे पर लगाया जमीन कब्जाने का आरोप

20 से ज्यादा ग्रामीण घायल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया भर्ती, पुलिस मौके पर पहुंची, लिया जा रहा बयान

बालोद. छत्तीसगढ़ के बालोद में दो गांवों के बीच शुक्रवार को जमकर पत्थर और लाठी-डंडे चले। इस दौरान 20 से ज्यादा ग्रामीण घायल हो गए हैं। उन्हें उपचार के लिए स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि सारा विवाद मनरेगा के तहत भूमि सीमांकन को लेकर है। दोनों गांवों के लोगों ने एक-दूसरे पर कब्जे का आरोप लगाया है।

दोनों गांवों की सीमा पर हो रहा है मनरेगा के तहत काम
जानकारी के मुताबिक, बालोद के गुरुर ब्लॉक के ग्राम घोघोपुरी और पेवरों में मनरेगा के तहत काम चल रहा है। यह काम दोनों गांवाें की सीमा पर हो रहा है। ऐेसे में शुक्रवार सुबह दोनों गांव के लोगों ने एक-दूसरे पर जमीन कब्जाने का आरोप लगाते हुए विवाद शुरू कर दिया। थोड़ी ही देर में बात बढ़ती चली गई और मारपीट शुरू हो गई। ग्रामीण मिट्टी के ढेले और लाठी-डंडे से एक-दूसरे काे पीटने लगे। एक गांव के 20-25 लोग घायल हुए हैं।

60 से ज्यादा ग्रामीणों के बीच हुई मारपीट
सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है। उसका कहना है कि 60 से अधिक ग्रामीणों के बीच मारपीट हुई है। इनके ऊपर मारपीट सहित बलवा का केस दर्ज होगा। अभी जांच कर रहे हैं, ग्रामीणों का बयान लिया जा रहा है। विवाद की जड़ मनरेगा का काम के दौरान सीमांकन है। सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरुर में भर्ती कराया गया है। ये सभी घायल पेवरों गांव के हैं। बाकी जानकारी अभी नहीं आ सकी है।


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