मौत भी जुदा नहीं कर पायी.. दो जिस्म एक जान से मशहूर थे, 20 साल के शिवराम और शिवनाथ कमरे में मृत मिले

बलौदाबाजार. छत्तीसगढ़ में बलौदाबाजार के खैंदा गांव में रहने वाले दो भाइयों शिवनाथ और शिवराम की अनोखी जोड़ी अब नजर नहीं आएगी। शनिवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ जाने की वजह से दोनों की मौत हो गई। हालांकि संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की वजह से पुलिस भी इस घटना की जांच कर रही है।

शिवराम और शिवनाथ के घरवालों के मुताबिक, बीती रात इन भाइयों को तेज बुखार हुआ था। सुबह जब घरवाले इनके कमरे में पहुंचे तो दोनों की मौत हो चुकी थी। गांव में दोनों भाइयों के खुदकुशी कर लेने की चर्चा भी है। दोनों की उम्र 20 साल थी।

दिसंबर 2001 में जन्मे शिवनाथ और शिवराम शरीर से जुड़े हुए थे। इनके दो धड़, दो सिर, चार हाथ और दो पैर थे। एक साथ ही शिवराम और शिवनाथ अपने सारे काम किया करते थे। चाहे स्कूटर चलाना हो, नहाना हो, स्कूल जाना हो। दोनों का जुड़ा हुआ शरीर एक साथ काम करता था।

इस वजह से इन्हें दो जिस्म एक जान के नाम पर भी देश और दुनिया में जाना जाता रहा है। मानव शरीर की अनोखी संरचनाओं पर रिसर्च करने वाली कई विदेशी टीमें भी बलौदाबाजार आकर शिवनाथ और शिवराम से मुलाकात कर चुकी थीं। दोनों मुस्कुराकर लोगों से मिला करते थे अब अचानक इनकी मौत ने खैंदा गांव के लोगों को भी उदास कर दिया है।

एक महीने बाद था जन्म दिन
शिवनाथ और शिवराम का दिसंबर में जन्मदिन था। कुछ महीने पहले दोनों ने स्कूटर खरीदा था इसे चलाने में कम्फर्ट के लिए सीट के नीचे बेल्डिंग कराकर गद्दा लगाया था। पेट्रोल डलवाने पंप पर गए तो इन्हें देखने लोगों की भीड़ लग गई थी।

दोनों ने कहा था- हम नहीं होंगे जुदा
शरीर जुड़े होने की वजह से दोनों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। रोजमर्रा के कामों में भी दिक्कत आती थी। मगर अपने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में दोनों ने कहा था कि वह अलग नहीं होना चाहते। डॉक्टर्स ने हालांकि कहा था कि दोनों के शरीर को अलग करने में सेहत से जुड़े कई रिस्क फैक्टर हो सकते हैं। दोनों भाई भी नहीं चाहते थे कि उन्हें ऐसी सर्जरी से अलग किया जाए। वे एक साथ अपनी जिंदगी को खुशी से बिता रहे थे तमाम मुश्किलों के बाद भी।


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