त्यौहारी समय में अब सावधानी ही बचाव है..स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी का गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित हो, मास्क का इस्तेमाल जरूरी है : कलेक्टर भीम सिंह….सिर्फ जरूरत के समय ही बाहर निकलें : सीएमएचओ केसरी

रायगढ़ । अक्टूबर से  दिसंबर तक का समय देश में त्यौहार का होता है। त्यौहारी सीजन में लोगों की भीड़ इकट्ठी होना लाजिमी है पर लोगों को ध्यान रखना होगा कि त्यौहार के लिए उनका यह अति-उत्साह अनजाने में कोरोना संक्रमण को आमंत्रण न दे। कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है।

जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लोगों को लगातर जागरूक और सचेत कर रहा है कि दो गज दूरी मास्क है जरूरी। इसके साथ ही सावधानी बरतने में लोगों की सुरक्षा है।  दुर्गाष्टमी के बाद दशहरा, दीपावली, गुरू पर्व, क्रिसमस आदि त्यौहार हैं। इस त्यौहारी समय में कोरोना के और अधिक फैलने के कयास लगाए जा रहे हैं। सरकार ने त्यौहारों को मनाने पर प्रतिबंध तो नहीं लगाया है लेकिन इन्हें मनाने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर ( एसओपी-गाइडलाइंस) जारी किये हैं जिसके पालन करने से कोरोना संक्रमण के फैलने पर लगाम लगाई जा सकती है।

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइंस (एसओपी) के अनुसार किसी भी समारोह स्थल पर छह फीट की दूरी बनाना अहम होगा। हर व्यक्ति को मास्क लगाना जरूरी होगा। इसके अलावा हर धार्मिक स्थल या पंडाल जहां बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होंगे, वहां सैनिटाइजर का इंतजाम होना जरूरी है। कार्यक्रम के आयोजकों को कर्मचारियों धार्मिक स्थलों पर आने वाले लोगों के मोबाइल में आरोग्य सेतु ऐप होना भी जरूरी होगा, वर्ना उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। साबुन से हाथ धोना जरूरी है, साफ-सुथरे पीने के पानी की व्यव्सथा होनी चाहिए। थूकने पर सख्त मनाही है।

65 साल से अधिक, गर्भवती महिलाओं और 10 साल से कम बच्चों को घर में रहने की सलाह दी गई है। पंडाल जो एक दिन से अधिक तक रहेंगे वहां आने-जाने का के लिए पर्याप्त जगह हो। इनके पीक समय (एक समय जब सबसे अधिक लोग आते हैं) में सैनेटाइजेशन और फिजिकल डिस्टेंसिंग का अधिक से अधिक पालन करना होगा।

मेडिकल की व्यवस्था अनिवार्य है

गाइडलाइंस में ये भी कहा गया है कि कार्यक्रम के बाद पुरस्कार वितरण समारोह नहीं किए जाएंगे। इसके अलावा जो लोग आएंगे उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। जिन जगहों पर रामलीला या गरबा जैसे कार्यक्रम हो रहे हैं, वहां क्षमता के 50 फीसदी लोगों को जाने की इजाजत होगी या अधिकतम दो सौ लोगों को जाने दिया जाएगा। साथ ही अंदर भी उचित दूरी बनाई जाएगी। धार्मिक स्थल पर पवित्र किताब, मूर्तियों को छूने की मनाही होगी।

सभी पंडाल और आयोजकों के पास मेडिकल केयर की व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही नजदीकी अस्पातल में किसी भी प्रकार की आपातलकाल में भेजने की व्यवस्था हो।

गाइडलाइन के अनुसार किसी आयोजन स्थल पर किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण दिखते हैं तो सबसे पहले उस व्यक्ति को आइसोलेट करें और तब मास्क-फेस कवर रखे जब तक उसे डॉक्टर न चेक कर लें। अगर हालत और खराब होती है तो कोविड हेल्प लाइन नंबर 104 या 1075 पर फोन करे।

कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है : कलेक्टर भीम सिंह

जिलाधिकारी भीम सिंह ने लोगों से अपील की है कि वह शारीरिक दूरी के नियम का पालन करें और मास्क जरूर लगाएं। कोरोना संक्रमण अभी खत्म नहीं हुआ, आपकी सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। जिले में स्थिति अभी तक नियंत्रण में है जिला प्रशासन दिन-रात कोरोना संक्रमण की रोकथाम में में डटी है। लोगों ने अब तक कोराना संक्रमण के दौरान जिस संयम का परिचय दिया है वैसा ही हम इस त्यौहारी सीजन उम्मीद कर रहे हैं।

कलेक्टर सिंह ने आगे बताया कि लोग किसी भी बीमारी को हल्के में न लें। तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें और जांच कराएं।

सभी के सार्थक प्रयास की जरूरत : सीएमएचओ केसरी

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसएन केसरी ने बताया कि  सरकार  शुरू से लोगों से यह आग्रह कर रही  है  कि  जब  जरूरत हो तभी घर से बाहर निकलें। कोरोना काल में भीड़ न हो इसलिए लॉकडाउन लगाया गया, बाजार को खोलने-बंद करने के लिए समय दिया गया है। “हम विभिन्न माध्यमों से लोगों को जागरूक कर रहे हैं कि भीड़ न लगाएं। मास्क लगाएं, दो गज दूरी बनाए रखें और हाथों को लगातार धोएं। इस त्यौहारी सीजन में हम लोगों पर ज्यादा प्रतिबंध तो नहीं लगा सकते लेकिन लोगों को खुद सोचना होगा कि भीड़ न करें, जब तक जरूरी काम न हो तब तक घर से बाहर न निकलें। सभी के प्रयास से ही कोरोना के संक्रमण को रोका जा सकता है।‘’

इन वचनों का पालन कर कोरोना संक्रमण की करें रोकथाम

सतर्कता कोरोना से बचाव का बेहतर उपाय है। इसके लिए विशेष सावधानी एवं सतर्कता जरुरी है जैसे- मास्क लगाने व 2 गज की शारीरिक दूरी बनाए रखें, सार्वजनिक स्थल हो, किसी ऑफिस के कमरे में अन्य व्यक्तियों के साथ हों या फिर सर्दी, जुकाम हो तो बाहर निकलने से पहले मास्क जरूर लगाएं, छींकते या खांसने समय रूमाल या टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें, बहुत अधिक इस्तेमाल होने वाली सतहों दरवाजे के हैंडल, या ऐसी जगहों का नियमित सफाई जरूरी है, सार्वजनिक या खुले स्थानों पर नहीं थूकें, ऐसा करना दंडनीय अपराध है, बहुत जरूरी हो तभी यात्रा करें, कोवि़ड- 19 संक्रमित या उसके परिवार वालों से भेदभाव नहीं करें सहानुभूति से पेश आएं, अपने स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग करने के लिए आरोग्य सेतु ऐप का इस्तेमाल करें, कोविड-19 को लेकर होने वाली चिंताएं या मानसिक दबाव के लिए 08046110007 फ्री हेल्पलाइन नंबर पर बात कर मनोचिकित्सक से सलाह आवश्यक लें।


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