बस्तर में बच्चों पर कुपोषण के बाद मलेरिया का कहर, 15 दिन में 1189 बच्चे पीड़ित मिले


मलेरिया मुक्त अभियान की रिपोर्ट में खुलासा हुआ, 47 गर्भवती महिलाएं भी मिलीं मलेरिया ग्रस्त
बस्तर में 25 हजार बच्चे कुपोषित, जिले में बकावंड को छोड़कर 6 ब्लाॅकों में चलाया जा रहा अभियान

जगदलपुर. बस्तर जिले में कुपोषण के बाद अब 15 दिन के दौरान 1189 बच्चे मलेरिया से पीड़ित मिले हैं। जिले में शुरू हुए मलेरिया मुक्त अभियान के दौरान आई रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। वहीं, 47 गर्भवती महिलाएं भी मलेरिया से ग्रस्त मिली हैं। इस समय बस्तर जिले में बकावंड को छोड़कर 6 ब्लाॅकों में मलेरिया मुक्त अभियान चलाया जा रहा है। बस्तर में कुपोषण से 25 हजार बच्चे पीड़ित हैं। स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी बच्चों में कुपोषण जैसी बीमारी लगातार बढ़ने से परेशान थे। वहीं, अब मलेरिया ने अधिकारियों की नींद उड़ा दी है।

बास्तानार में सबसे अधिक बच्चे मिल रहे मलेरिया पीड़ित
मलेरियामुक्त अभियान विशेष तौर बस्तर जिले के तोकापाल, दरभा और बास्तानार ब्लॉक में चलाया जा रहा है। इन तीनों ब्लॉकों के हर घर में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी जाकर बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों के खून की जांच कर रहे हैं। 15 दिनों में जहां तोकापाल में 37, नानगुर 51, बस्तर 17 , लोहांडीगुड़ा 20 बच्चे मलेरिया से पीड़ित पाए गए हैं तो वहीं दूसरी ओर बास्तानार में 767 और दरभा ब्लॉक में 297 बच्चे मलेरिया से पीड़ित पाए जा चुके हैं। जिनकी उम्र 0-15 साल है। वहीं गर्भवती महिलाओं में मलेरिया मिलने के बाद उनके बच्चों को भी समस्या होने की आशंका जताई जा रही है।

सीएमएचओ डॉ. आरके चतुर्वेदी ने कहा कि मलेरियामुक्त अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग जिला बस्तर द्वारा 15 से 27 जनवरी तक जिले के 1 लाख 84 हजार 52 लोगों की मलेरिया जांच की गई है। जांच में 2 हजार 27 व्यक्ति मलेरिया पॉजीटिव पाए गए हैं इनमें 1189 बच्चे हैं जिनका उपचार किया जा रहा है। अभियान के दौरान अब तक 460 घरों में मलेरिया के लार्वा मिले। जिन्हें मौके पर ही सर्वेक्षण दल द्वारा नष्ट किया गया। दल द्वारा मच्छरदानियों की जानकारी लेकर उसे लगाने भी लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। सर्वेक्षण दलों को इस दौरान घर में उपयोग किए जा रहे 46 हजार 379 कीटनाशक मच्छरदानी मिली है।


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