सियासी हस्तियों ने किया आखिरी नमन, छत्तीसगढ़ में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित, अंतिम संस्कार कल

छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी का निधन, दिल का दौरा पड़ने की वजह से 9 मई से थे अस्पताल में भर्ती

रायपुर. प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी का शुक्रवार को रायपुर के अस्पताल में निधन हो गया। सुबह अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा, डॉक्टर्स की तमाम कोशिश नाकाम रहीं। करीब 3 बजकर 30 मिनट पर उन्होंने आखिरी सांसें ली। अब कल शनिवार को गौरेला में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। फिलहाल दर्शन के लिए अजीत जोगी का शरीर सिविल लाइंस स्थित निवास में रखा गया है। कई सियासी चेहरे यहां पहुंच रहे हैं।
अमित जोगी की पत्नी और अजीत जोगी की बहू ऋचा को खुद को संभाल नहीं पाई, पापा कहकर देर तक रोतीं रहीं।

अमित जोगी की पत्नी और अजीत जोगी की बहू ऋचा को खुद को संभाल नहीं पाई, पापा कहकर देर तक रोतीं रहीं।
प्रदेश की राज्यपाल अनुसुइया उइके ने मृत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
प्रदेश की राज्यपाल अनुसुइया उइके ने मृत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह भी जोगी निवास पहंचे।
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह भी जोगी निवास पहंचे।
अमित जोगी अंतिम दर्शन के लिए आने वालों से इसी तरह मिलते रहे।
अमित जोगी अंतिम दर्शन के लिए आने वालों से इसी तरह मिलते रहे।

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने अजीत जोगी के निधन पर  दुःख प्रकट किया । मुख्यमंत्री ने राज्य में आज से तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और कोई भी शासकीय समारोह आयोजित नहीं किए जाएंगे। जोगी का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ होगा।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी जोगी परिवार के निवास जाकर सभी से मुलाकात की।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी जोगी परिवार के निवास जाकर सभी से मुलाकात की।
जीवन के हर मोड़ पर रेणू जोगी ने अजीत जोगी का साथ, दिया अब उनकी इस मायूसी को समझा जा सकता है।
जीवन के हर मोड़ पर रेणू जोगी ने अजीत जोगी का साथ, दिया अब उनकी इस मायूसी को समझा जा सकता है।
जोगी को न सिर्फ चाहने वाले बल्कि हर जानने वाला शख्स उनके निवास पर जुटा।
जोगी को न सिर्फ चाहने वाले बल्कि हर जानने वाला शख्स उनके निवास पर जुटा।

अजीत जोगी को बीते 9 मई को अस्पताल में लाया गया था। तब से उन्हें तीन बार दिल के दौरे पड़े। अस्पताल में जब जोगी लाए गए तब डॉक्टर्स ने कहा था कि इमली का बीज गले में अटकने की वजह से परेशानी बढ़ी। जोगी 20 दिनों से कोमा में थे। उन्हें बचाने की कोशिश में डॉक्टर कई तरह के प्रयोग कर रहे थे। अस्पताल में जोगी को गाने सुनाए जा रहे थे, परिवार की सहमति से एक खास इंजेक्शन भी लगाया गया था।


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here