रायगढ़ । रायगढ़ आज दिनांक 20/11/2021 को #लैलूंगा पुलिस अपहरण मामले में पिछले पांच साल से गिरफ्तारी के भय से लुक-छिप कर फरार चल रहे आरोपी को मुखबिर सूचना पर गिरफ्तार कर रिमांड पर पेश किया, जहां से जेल वारंट पर आरोपी को जेल दाखिल कराया गया है । आरोपी के फरार रहने पर लैलूंगा पुलिस द्वारा धारा 173(8) CrPC में चालान न्यायालय पेश किया गया था ।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीना द्वारा सभी थाना, चौकी प्रभारियों को धारा 173(8) जाफौ के तहत न्यायालय पेश किए गए प्रकरणों के फरार आरोपियों की पतासाजी, गिरफ्तारी में कोताही न बरतते हुए आरोपियों की पतासाजी, गिरफ्तारी के लिए आवश्यकता हो तो पुलिस टीम दिगर प्रांत भेजने निर्देशित किया गया है, साथ ही सभी पर्यवेक्षण पुलिस राजपत्रित अधिकारियों को उनके अनुविभाग के धारा 173(8) जाफौ के मामलों की समीक्षा करने दिशा निर्देशित किया गया है ।
इसी तारतम्य में SDOP धरमजयगढ़ दीपक मिश्रा द्वारा थाना लैलूंगा के निरीक्षण दौरान 173(8) जाफौ के तहत चालान न्यायालय पेश किए गए मामलों की समीक्षा की गई, जिसमें फरार आरोपियों की पतासाजी, गिरफ्तारी के लिये पुलिस टीम के प्रयास की समीक्षा कर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए थाना प्रभारी लैलूंगा निरीक्षक रूपेंद्र नारायण साय को स्वयं तस्दीकी कर अवगत करने निर्देशित किया गया । निर्देशों पर थाना प्रभारी द्वारा मुखबिर एवं स्टाफ लगाकर फरार आरोपियों की पतासाजी कराई जा रही है । इसी दरम्यान अपहरण मामले के फरार मुख्य आरोपी मनोज कुमार सिदार निवासी पतरापाली, पत्थलगांव के घर आने सूचना मिली । योजनाबद्ध तरीके से देर रात थाना प्रभारी रूपेन्द्र साय आरोपी गिरफ्तारी के लिये रवाना होकर पत्थलगांव में दबिश देकर आरोपी को थाना लाया गया, जिसे आज दिनांक 20/11/2021 JMFC न्यायालय घरघोड़ा में पेश कर 14 दिवस का ज्युडिशियल रिमांड लिया गया है ।
थाना लैलूंगा में आरोपी के विरुद्ध मार्च 2016 में युवती द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराया गया था कि आरोपी मनोज कुमार सिदार शादी का प्रलोभन देकर दिनांक 16.03.2016 को स्कॉर्पियो वाहन में बिठाकर अपने साथियों के साथ पतरापाली पत्थलगांव लाया था । आरोपियों के विरुद्ध थाना लैलूंगा में अपराध क्रमांक 73/2016 धारा 363, 366 342, 506, 323, 34 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था । प्रकरण की विवेचना दरमियान आरोपित के सहयोगी आरोपी श्याम लाल सिदार को गिरफ्तार कर लैलूंगा पुलिस द्वारा रिमांड पर भेजा गया था । गंभीर प्रकरण में 90 दिवस पूर्ण होने के पूर्व आरोपी मनोज सिदार के फरार रहने पर लैलूंगा पुलिस द्वारा प्रकरण का चालान धारा 173(8) जाफौ के तहत चला न्यायालय पेश किया गया था । मुख्य आरोपी मनोज कुमार सिदार पिता सबल साय सिदार उम्र 30 वर्ष निवासी पतरापाली पत्थलगांव घटना के बाद से फरार था जिसे गिरफ्तार कर उसके बड़े भाई को गिरफ्तारी की सूचना दी गई है । फरार आरोपी की पतासाजी गिरफ्तारी में थाना प्रभारी लैलूंगा निरीक्षक रूपेन्द्र नारायण साय, उपनिरीक्षक बीएस पैकरा, प्रधान आरक्षक लक्ष्मी गोस्वामी, आरक्षक जॉन प्रकाश एक्का, बृजेश लकडा, हिलारियुस, प्रमोद भगत एवं पुष्पेन्द्र मराठा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है ।
