रायगढ़, 5 अप्रैल2020/ कोरोना वायरस से निपटने के लिए लगाये गये लॉक डाउन में जहां इसके प्रसार की संभावना को क्षीण किया है और बहुत से लोगों को असहज स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया है। दैनिक मजदूर, श्रमिक, रोज व्यवसाय लगाने वाले, फेरी वाले निराश्रित यह शहरी इलाकों के वे तबके है जिनके सामने गुजर-बसर की समस्या आन पड़ी है। इसके साथ ही विभिन्न स्थानों पर फंंसे कामगार व श्रमिक भी है जो लॉक डाउन में अपने घरों से दूर राहत शिविरों में रूके हुए है।
कलेक्टर श्री यशवंत कुमार के कुशल नेतृत्व में जिला प्रशासन लगातार ऐसे लोगों को चिन्हित कर उन तक राहत पहुंचाने का कार्य कर रहा है। शहरी इलाकों में जहां नगरीय निकाय के अधिकारियों व राजस्व विभाग ने कमान संभाली हुई है, तो ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी राजस्व, जनपद तथा महिला बाल-विकास विभाग के साथ-साथ अन्य कर्मचारी भी मैदान में है। सारी गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग जिला स्तर पर शीर्षस्थ अधिकारियों द्वारा लगातार की जा रही है। लोगों को खाने की समस्या न हो इसके लिए उनकी आवश्यकतानुसार सूखा राशन या पका खाना लोगों के घरों तक पहुंचाकर दिया जा रहा है। ग्रामीण तथा शहरी इलाकों में स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा रियूजेबल कॉटन मॉस्क सिल कर वितरित किया जा रहा है। ताजा आंकड़ोंं के अनुसार जिले में लॉक डाउन के दौरान अब तक शासन स्तर पर 1387 लोगों को पका भोजन उपलब्ध करवाया गया है, 9621 को नि:शुल्क राशन दिया गया है, स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा प्राप्त भोजन व खाद्यान्न 12132 लोगों तक पहुंचाया गया है। इसके अलावा 39000 मॉस्क एवं 400 लीटर सेनेटाईजर भी बांटा गया है।
