भिलाई. शहर में पुलिस का एक मानवीय रूप भी देखने को मिल रहा है। हावड़ा-मुंबई हाइवे पर बसे भिलाई की सड़कों पर हर दिन हजारों मजदूर नजर आ जाते हैं। कोई भूख से बेहाल है तो कोई पैदल चलकर थक चुका है। इनके चेहरों पर सुकून वाली मुस्कान लाने का काम कर रहे हैं यातायात पुलिस दुर्ग चौकी में पदस्थ प्रधान आरक्षक ज्ञानेश्वर देवांगन। ज्ञानेश्वर पिछले 52 दिनों से आम नागरिकों से लॉकडाउन का पालन कराने के लिए ड्यूटी कर रहे हैं। इस दौरान वो इंसानियत की ड्यूटी भी कर रहे हैं। जरूरतमंदो को भोजन और बड़े वाहनों की मदद से मजदूरों कों उनकी मंजिल तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक हर रोज घर से ड्यूटी पर आते समय फूड पैकेट तैयार कर, इन्हें साथ लेकर निकलते हैं। रास्ते में कोई जरूरतमंद दिखा तो उसे पैकेट देते हैं। प्रधान आरक्षक ने बताया कि बहुत सी सामाजिक संस्था द्वारा उन्हें ड्यूटी के दौरान जो खाने के पैकेट पानी बोतल, बिस्किट पैकेट अन्य खाद्य सामाग्री मिलती वो सबको जमा करते हैं। जब कोई जरुरतमंद मजदूर का परिवार उनके पास से गुरजता है तो वो उसे मदद पहुंचाते हैं। आरक्षक की ड्यूटी अंजोरा बाइपास पर है। प्रवासी मजदूर पैदल चलते देख उनका दिल पसीज जाता है वे मजदूरों को रोककर उन्हें टेंट में बिठाते हैं। पानी देते हैं। अगर कोई ट्रक गुजर रहा हो तो उसे रोककर मजदूरों को आगे उस वाहन में भेजते हैं। इस तरह अब तक हजारों लोगों की मदद यह अकेला पुलिस जवान कर चुका है।
