सड़क दुर्घटनाओं में लगातार हो रही मौतों को लेकर शासन-प्रशासन पर साधा निशाना, बोले—मूलभूत सुविधाओं पर पहले ध्यान देने की जरूरत
रायगढ़/ शहर और आसपास के क्षेत्रों में जर्जर एवं खस्ताहाल सड़कों के कारण लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और इनमें हो रही मौतों को लेकर पूर्व विधायक प्रकाश नायक ने शासन-प्रशासन पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण और सुधार को लेकर लगातार घोषणाएं तो की जा रही हैं, लेकिन इन घोषणाओं का अपेक्षित असर धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है। उनका कहना है कि बीते कुछ दिनों में ही सड़क दुर्घटनाओं में आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, इसके बावजूद शहर की जर्जर सड़कों को लेकर गंभीरता नजर नहीं आ रही है।
पूर्व विधायक ने कहा कि रायगढ़ शहर में कई प्रमुख मार्ग लंबे समय से खराब स्थिति में हैं। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, उखड़ी सतह और अव्यवस्थित यातायात के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर रात के समय इन सड़कों पर दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि जब सड़क की खराब स्थिति सीधे लोगों की जान के लिए खतरा बन रही हो, तब प्राथमिकता के आधार पर इनका सुधार किया जाना चाहिए।पूर्व विधायक ने रायगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के मेडिकल कॉलेज में आवश्यक मशीनों और संसाधनों की कमी के कारण मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि गंभीर मरीजों के उपचार के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में उन्हें दूसरे शहरों की ओर रेफर किया जाता है, जिससे मरीज और उनके परिजनों पर अतिरिक्त आर्थिक एवं मानसिक दबाव पड़ता है।प्रकाश नायक ने कहा कि कांग्रेस शासन के कार्यकाल में रायगढ़ शहर की सड़कों के सुधार और कायाकल्प के लिए कई काम किए गए थे। उनके अनुसार, समय के साथ इन सड़कों के रखरखाव और आवश्यक मरम्मत पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिए जाने के कारण वर्तमान में शहर की बड़ी संख्या में सड़कें खराब स्थिति में पहुंच गई हैं।उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण केवल एक बार करने से जिम्मेदारी पूरी नहीं हो जाती। सड़क की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियमित निरीक्षण, मरम्मत और रखरखाव भी जरूरी है। उन्होंने शासन-प्रशासन से शहर की प्रमुख सड़कों का सर्वे कराकर प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कराने की मांग की।
पहले मूलभूत सुविधाए जरुरी
प्रकाश नायक ने शहर में विकसित की जा रही आधुनिक सुविधाओं का विरोध नहीं करते लेकिन इसके साथ शहर की बुनियादी जरूरतों को भी प्राथमिकता देना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि किसी भी शहर के विकास की पहली कसौटी सड़क, पानी, बिजली, सफाई और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं हैं। यदि लोगों को आवागमन के लिए सुरक्षित सड़कें ही उपलब्ध नहीं हों और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़े, तो बड़े विकास कार्यों का लाभ सीमित रह जाता है।
कोतरा रोड और ढिमरापुर-उर्दना मार्ग पर हादसों के बाद बढ़ी चिंता
बीते रविवार को रायगढ़ शहर के कोतरा रोड क्षेत्र के ओवरब्रिज तथा ढिमरापुर-उर्दना मार्ग पर सड़क की खराब स्थिति के बीच गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं। दोनों घटनाओं में एक महिला और एक पुरुष की मौत हुई थी। इन हादसों के बाद शहर की जर्जर सड़कों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।हादसों के बाद कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से मुलाकात कर शहर की जर्जर सड़कों की स्थिति से अवगत कराया और तत्काल सड़क सुधार एवं मरम्मत कार्य कराने की मांग रखी थी।





















